Tuesday, September 23, 2008

जामिया के वीसी के नाम एक छोटा सा पत्र

जनाब मशीरुल हसन साहब
सादर चरण स्पर्श,
मुझे को ये जानकर बहुत खुशी हुई कि आप अपने स्टूडेन्टों का कितना ध्यान रखते हैं. रखना ही चाहिये लेकिन मेरे कुछ प्रश्न हैं

1. यदि जामिया मिल्लिया इस्लामिया का कोई लड़का सड़क पर जेब काटता पकड़ा जाता तब भी आप उसका इसी तरह साथ देते?
2. यदि जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुछ छात्र आपकी ही यूनिवर्सिटी की छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार में लिप्त पाये जाते तब भी आप उसे अपनी यूनिवर्सिटी से रेस्टीकेट करने के बजाय उन बलात्कारी बच्चों का साथ देते? अभिभावक की तरह, जैसे इस आतंकवादियों के साथ हैं?

जबाब देंगे क्या?
आपका
सुमो

5 comments:

Shekhawat said...

वीसी की अक्ल का दिवाला निकल गया है

सौरभ कुदेशिया said...

Guru shishya parampara ka nirwah ho raha hai ji, or kya :-)

Aam Adami said...

वीसी की अक्ल का दिवाला निकल गया है

आशीष कुमार 'अंशु' said...

लाहौल विला कूवत ...

Udan Tashtari said...

जो बोलना था, वो बोल चुके. अब मौन हैं.