विचारमंथन नाम के ब्लाग में आज चीन देश की ईमानदारी के बारे में एक सत्य (?) घटना पर आधारित एक कहानी छपी है कि कैसे चीन खूबसूरत है, वहां के बाशिन्दे खूबसूरत हैं, खूबसूरत ही नहीं है बेहद ईमानदार है, जमीन पर पड़ा 5 RMB का नोट नहीं उठाते जबकि इतनी धनराशि के लिये "अपने हिन्दुस्तान मे तो इतने पैसो मे कत्ल हो जाये, सरकारे गिर जाये और न जाने क्या-क्या हो जाये. "
बहुत से लोगों को अपनी साड़ी में लिपटी सिधी साधी मां की जगह पडौस की छमकछल्लो अधिक पसंद आती है. किसी गपोड़ शंख ने लिख दिया और भाई बिना सोचे बिचारे ले उड़े और छाप दिया. अब मौका मिला है तो गरिया दो अपने भारत को, हिन्दुस्तानियों को. कौन बेबकूफ जायेगा यह सब सत्यापित करने?
लेकिन भाई मेरे हिन्दुस्तान को गरियाने से पहले नेट पर जरा चीन के भ्रष्टाचार के बारे में पता तो कर लेते
यहां पर विश्व भाई ने लिखा है कि "किसी वर्ग को पूरी तरह दबाने के लिये जरूरी है उसका आत्मसम्मान खत्म कर देना. जब अपने लिये खुद के दिल में ही सम्मान न हो तो बहुत मुश्किल है किसी दूसरे के हाथों अपना अपमान रोकना." जब कोई अपना आत्मसम्मान खुद मिटा चुका हो तो इनका भगवान भी मालिक नहीं है.
आप जाने से पहले चीन की सड़कों पर क्या होता है, ये वीडियो देख लीजिये फिर खुद फैसला कीजिये कि क्या हिन्दुस्तान में सब चोर उचक्के हैं और चीन में सब ईमानदार. देखिये कि कैसे सड़कों पर बच्चों के खाने के टिफिन लुट जाते हैं, कैसे राह चलते लोगों के लुटाई होती है.
Robbery in China - Free videos are just a click away
मैंने विरोध स्वरूप उस ब्लाग पर तिप्पणी की थी जो माडरेट नहीं की गई इसलिये तल्ख शब्दों में यह पोस्ट लिख रहा हूं
मैं, मेरा देश, मेरे देशवासी भी उतने ईमानदार और बेईमान हैं जितने किसी और देश के, न वो स्वर्ग से उतर कर आये हैं न हम मोरी के कीड़े हैं.